JSW Steel Q2 FY26 परिणाम: चार गुना मुनाफा, रिकॉर्ड 7.9 मिलियन टन उत्पादन – निवेशकों के लिए बड़ी खबर
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| Modern steel manufacturing facility powering India’s industrial growth |
भारत की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनियों में से एक JSW Steel ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2025) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ताजा आंकड़ों ने निवेशकों को राहत दी है क्योंकि JSW Steel ने न केवल रिकॉर्ड उत्पादन किया बल्कि मुनाफे में भी जोरदार उछाल दर्ज किया है। इस प्रदर्शन से कंपनी का भरोसा मजबूत हुआ है कि आने वाले महीनों में घरेलू स्टील मांग और अवसंरचना खर्च बढ़ने से लाभ में और तेजी आ सकती है।
JSW Steel Q2 FY26 परिणाम
1. मुनाफे में शानदार बढ़त
JSW Steel का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹1,646 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में केवल ₹405 करोड़ था। यानी कंपनी का मुनाफा लगभग चार गुना बढ़ा है। यह उछाल इस बात का संकेत है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और उत्पादन क्षमता दोनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया है।
राजस्व (Revenue from Operations) ₹45,152 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल लगभग 12% की वृद्धि दिखाता है। कंपनी का EBITDA (operating profit) ₹7,115 करोड़ रहा जबकि Adjusted EBITDA ₹7,849 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन 17.4% रहा, जो पिछले साल के 14% से बेहतर है।
JSW Steel Q2 FY26 परिणाम
जारी तिथि: 17 अक्टूबर 2025
2. रिकॉर्ड स्तर पर स्टील उत्पादन
इस तिमाही में JSW Steel ने 7.90 मिलियन टन कच्चे स्टील का उत्पादन किया, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। यह उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 17% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं बिक्री मात्रा (Saleable Steel Sales) 7.34 मिलियन टन रही, जो 20% अधिक है।
कंपनी ने अपने सभी घरेलू संयंत्रों में 92% की क्षमता उपयोग (capacity utilisation) दर्ज की। इससे यह साबित होता है कि JSW Steel ने अपने संसाधनों का पूरा उपयोग करते हुए उत्पादन और बिक्री दोनों में मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
3. घरेलू और निर्यात बाजार दोनों में बढ़त
JSW Steel ने न केवल घरेलू बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है बल्कि निर्यात बिक्री में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी की घरेलू बिक्री में 14% वृद्धि हुई जबकि निर्यात में लगभग 89% उछाल आया।
वैश्विक मांग में सुधार और दक्षिण-पूर्व एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बाजारों में बेहतर कीमतों का फायदा JSW Steel को मिला। इससे कंपनी का विदेशी कारोबार लाभकारी रहा।
4. लागत नियंत्रण और लाभप्रदता
JSW Steel का कहना है कि लाभ में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता और ऊर्जा दक्षता में सुधार है। कंपनी ने कोकिंग कोल और लौह अयस्क की लागत पर बेहतर नियंत्रण किया, जिससे मार्जिन में सुधार हुआ।
इसके अलावा, कंपनी ने फॉरेक्स मैनेजमेंट (विदेशी मुद्रा प्रबंधन) को और मजबूत किया है, जिससे विनिमय दरों के उतार-चढ़ाव का प्रभाव सीमित रहा। हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में मार्जिन थोड़ा घटा है (Q1 FY26 में ~18.2%), लेकिन कुल प्रदर्शन अभी भी सुदृढ़ है।
5. ऋण में कमी और मजबूत बैलेंस शीट
JSW Steel ने इस तिमाही में अपने कुल ऋण (Net Debt) को घटाकर ₹79,153 करोड़ किया, जो पिछली तिमाही से लगभग ₹697 करोड़ कम है। कंपनी का Net Debt to Equity Ratio 0.93x रहा, जो पिछले तिमाही के 0.95x से कम है।
यह आंकड़े बताते हैं कि JSW Steel लगातार अपने ऋण को कम करने और पूंजी संरचना को संतुलित रखने की दिशा में कार्यरत है।
6. सहायक कंपनियों का प्रदर्शन
कंपनी की सहयोगी इकाई Bhushan Power & Steel Ltd (BPSL) ने भी ₹166 करोड़ का लाभ कमाया। वहीं JSW Vijayanagar Metallics Ltd लगभग ब्रेक-ईवन पर रही।
विदेशी कारोबार की बात करें तो JSW Steel USA (Ohio) को इस तिमाही में मामूली घाटा (~$1 मिलियन) हुआ, लेकिन कंपनी को उम्मीद है कि अगली तिमाही में अमेरिकी संचालन से भी सकारात्मक नतीजे मिलेंगे।
7. पूंजी निवेश और भविष्य की परियोजनाएँ
JSW Steel आने वाले समय में अपने उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार करने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में 50 मिलियन टन स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करना है।
इस तिमाही में कंपनी ने कई ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स पर काम तेज किया है। विजयनगर संयंत्र में 25 MW ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र चालू किया गया है। इसके साथ कंपनी 2.5 GW नवीकरणीय ऊर्जा और 320 MWh बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। यह प्रयास JSW को “ग्रीन स्टील” की दिशा में अग्रणी बनाएगा।
8. बाजार दृष्टिकोण और भविष्य की रणनीति
JSW Steel का प्रबंधन आने वाले महीनों में भारत में बुनियादी ढांचा और निर्माण क्षेत्र की बढ़ती मांग को लेकर आशावादी है। सरकार के पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी और आवास क्षेत्र में तेजी कंपनी के लिए नए अवसर खोल सकती है।
हालांकि कंपनी ने यह भी माना कि वैश्विक बाजारों में कीमतों की अस्थिरता और कोकिंग कोल की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियाँ आगे भी बनी रह सकती हैं। इसके बावजूद JSW Steel अपने उत्पादन और निर्यात नेटवर्क के सहारे आने वाले वर्षों में मजबूत प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद कर रही है।
9. निवेशकों के लिए क्या संकेत
इस तिमाही के परिणाम निवेशकों के लिए बेहद सकारात्मक हैं। कंपनी का मुनाफा, उत्पादन और मार्जिन — तीनों ही मोर्चों पर सुधार दिखाते हैं।
लंबी अवधि के निवेशक JSW Steel के शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में रख सकते हैं, क्योंकि कंपनी न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी विस्तार कर रही है। कम अवधि के निवेशकों के लिए आने वाले कुछ सप्ताहों में शेयर में हल्की अस्थिरता संभव है, लेकिन समग्र रुझान सकारात्मक है।
निष्कर्ष
JSW Steel ने Q2 FY26 में यह साबित कर दिया है कि कठिन बाजार परिस्थितियों में भी सही रणनीति, लागत नियंत्रण और उत्पादन क्षमता का कुशल उपयोग कंपनी को मजबूती दे सकता है।
₹1,646 करोड़ का शुद्ध लाभ, 7.9 मिलियन टन का रिकॉर्ड उत्पादन और मजबूत बैलेंस शीट — यह सभी संकेत देते हैं कि JSW Steel भविष्य में भारतीय इस्पात उद्योग की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में अपनी जगह और पक्की करेगी।
लेख सारांश
JSW Steel का Q2 FY26 परिणाम शानदार रहा — मुनाफा चार गुना बढ़ा, उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर, और ऋण घटा। कंपनी ग्रीन एनर्जी और निर्यात विस्तार पर जोर दे रही है, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह आकर्षक अवसर बन सकता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

sahi h isme nives karne ka fayedha hogh
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