Tech Mahindra Q2 FY26 Results: मुनाफे में हल्की गिरावट, ₹13,995 करोड़ राजस्व के साथ स्थिर प्रदर्शन
14 oct 2025
भारत की अग्रणी आईटी सेवा कंपनी Tech Mahindra Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के ताज़ा नतीजों से पता चलता है कि आईटी सेक्टर की चुनौतियों के बावजूद कंपनी का राजस्व स्थिर रूप से बढ़ा है, जबकि मुनाफे में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
यह रिपोर्ट 14 अक्टूबर 2025 को कंपनी द्वारा जारी की गई और इसमें जुलाई से सितंबर 2025 की अवधि शामिल है। कंपनी ने इस तिमाही में कुछ महत्वपूर्ण रणनीतिक घोषणाएँ भी की हैं, जिनमें AI, क्लाउड इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन पर नया फोकस शामिल है।
जारी तिथि: 14 अक्टूबर 2025
आधिकारिक PDF: Tech Mahindra – Q2 FY26 Results (PDF)
1. राजस्व में 5% की बढ़त, मुनाफा थोड़ा घटा
Tech Mahindra ने सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में ₹13,995 करोड़ का कुल राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही ₹13,320 करोड़ से लगभग 5.1% की वृद्धि दर्शाता है।
हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) घटकर ₹1,195 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹1,250 करोड़ की तुलना में करीब 4.4% कम है।
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBIT) में भी मामूली कमी देखी गई, जो इस तिमाही में ₹1,420 करोड़ रहा जबकि पिछली तिमाही में यह ₹1,540 करोड़ था। EBIT मार्जिन 11.6% से घटकर 10.2% पर आ गया।
2. EBITDA और मार्जिन पर दबाव क्यों आया
टेक महिंद्रा के ऑपरेटिंग मार्जिन में कमी का मुख्य कारण कम्युनिकेशन सेगमेंट में कमजोर डिमांड और क्लाइंट प्रोजेक्ट्स में डिले बताया गया है। कंपनी ने कहा कि हालांकि नये प्रोजेक्ट्स का पाइपलाइन मजबूत है, लेकिन कुछ सेक्टरों में खर्च कटौती से बिलिंग पर असर पड़ा।
इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में अपने कर्मचारियों की संख्या में भी कटौती की है। कुल हेडकाउंट Q1FY26 की तुलना में लगभग 4,000 कम होकर 1.44 लाख पर आ गई है। यह कदम लागत नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे आने वाले क्वार्टरों में प्रॉफिटेबिलिटी बेहतर होने की उम्मीद है।
3. सेगमेंट वाइज प्रदर्शन
Tech Mahindra की रिपोर्ट बताती है कि कंपनी के अलग-अलग बिज़नेस सेगमेंट्स में प्रदर्शन मिश्रित रहा।
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कम्युनिकेशन और मीडिया सेगमेंट: इस हिस्से में 2.9% की हल्की वृद्धि हुई है, लेकिन यह कंपनी के कुल राजस्व का बड़ा हिस्सा होने के कारण समग्र परिणामों को प्रभावित करता है।
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एंटरप्राइज बिजनेस (बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो): इस सेगमेंट में लगभग 7% की वृद्धि दर्ज की गई है। ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग क्लाइंट्स से मांग बढ़ी है।
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डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड सर्विसेज: इस खंड में लगभग 12% की वृद्धि हुई है, जो कंपनी के भविष्य के ग्रोथ इंजन के रूप में देखा जा रहा है।
4. AI और क्लाउड पर नया ध्यान
कंपनी ने हालिया प्रेस रिलीज़ में कहा है कि आने वाले वर्षों में Tech Mahindra का प्रमुख फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा।
कंपनी ने नए AI आधारित टूल्स और प्लेटफ़ॉर्म डेवलपमेंट में निवेश बढ़ाया है, जो अगले वित्त वर्ष में राजस्व वृद्धि को गति दे सकता है।
CEO मोहन श्याम कुमार ने बयान में कहा —
“हम आने वाले समय में डिजिटल और AI आधारित सॉल्यूशंस को और मज़बूत करेंगे। यूरोप और अमेरिका के बाजारों में क्लाइंट डिमांड स्थिर है, जबकि भारत और एशिया में तेज़ी देखी जा रही है। हमारा लक्ष्य अगले दो तिमाहियों में ऑपरेटिंग मार्जिन को पुनः 12% से ऊपर लाना है।”
5. डील विन्स और ऑर्डर पाइपलाइन
इस तिमाही में Tech Mahindra ने लगभग $900 मिलियन से अधिक के नए डील्स साइन किए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12% अधिक हैं।
कंपनी ने कहा कि इनमें BFSI, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल क्लाइंट्स की बड़ी हिस्सेदारी रही।
नए प्रोजेक्ट्स में कई प्रमुख ऑटोमेशन और डिजिटल इंजीनियरिंग अनुबंध शामिल हैं, जिनसे अगले दो क्वार्टरों में रेवेन्यू ग्रोथ आने की संभावना है।
6. इंटरिम डिविडेंड की घोषणा
Tech Mahindra के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹15 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) घोषित किया है।
इसका रिकॉर्ड डेट 25 अक्टूबर 2025 तय किया गया है। कंपनी का यह कदम निवेशकों को भरोसा देने और पूंजी वितरण को संतुलित बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
7. कर्मचारी उत्पादकता और कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन
कंपनी की कुल वर्कफोर्स 1.44 लाख के करीब है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 4,000 कम है।
कंपनी का कहना है कि यह कटौती ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और ऑटोमेशन अपनाने के कारण हुई है।
साथ ही, कंपनी ने कहा कि “हम आने वाले महीनों में AI और डिजिटल टूल्स के जरिए उत्पादकता में सुधार करेंगे।”
8. टेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और कंपनी की स्थिति
आईटी सेक्टर में इस समय प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है। Infosys, TCS, Wipro और HCL जैसी कंपनियाँ भी लागत नियंत्रण और डील पाइपलाइन मजबूत करने की रणनीति अपना रही हैं।
हाल ही में:
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TCS ने Q2 FY26 में ₹12,400 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।
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Infosys ने 3.8% YoY राजस्व वृद्धि के साथ स्थिर परिणाम दिए।
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Wipro ने भी अपनी डील बुकिंग में सुधार की सूचना दी।
इन नतीजों की तुलना में Tech Mahindra की राजस्व वृद्धि स्थिर है, लेकिन प्रॉफिटेबिलिटी में थोड़ी कमजोरी दिखी है।
9. मार्केट और निवेशक दृष्टिकोण
विश्लेषकों के अनुसार Tech Mahindra के Q2 नतीजे “संतुलित लेकिन थोड़ा कमजोर” कहे जा सकते हैं।
जहाँ राजस्व और नए प्रोजेक्ट्स ने कंपनी की दीर्घकालिक दिशा को सकारात्मक रखा, वहीं मार्जिन दबाव और खर्चों में वृद्धि थोड़ी चिंता का विषय है।
स्टॉक मार्केट में नतीजों के दिन कंपनी के शेयर में हल्की गिरावट देखी गई और स्टॉक लगभग ₹1,620 प्रति शेयर के स्तर पर बंद हुआ।
हालाँकि, लंबे समय में एनालिस्ट्स का मानना है कि Tech Mahindra की AI और ऑटोमेशन रणनीति कंपनी को अगले वर्ष मजबूत वृद्धि की ओर ले जाएगी।
10. भविष्य की रणनीति
कंपनी ने अगले दो क्वार्टरों के लिए निम्नलिखित प्रमुख रणनीतियाँ साझा की हैं:
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ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़ाना – कॉस्ट कंट्रोल और बेहतर प्रोजेक्ट मिक्स के माध्यम से।
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AI और क्लाउड सर्विसेज का विस्तार – नए बाजारों में प्रवेश और साझेदारी बढ़ाने पर जोर।
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यूरोपीय बाजार पर फोकस – यूरोप और एशिया में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देना।
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कर्मचारी स्किलिंग और उत्पादकता – नई टेक्नोलॉजी में ट्रेनिंग और रिस्किलिंग।
निष्कर्ष
Tech Mahindra के Q2 FY26 के परिणाम बताते हैं कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद अपनी राजस्व वृद्धि बनाए रखी है।
मुनाफे में हल्की गिरावट आई है, लेकिन कंपनी की नई रणनीतियाँ और ऑर्डर बुकिंग इसे आने वाले महीनों में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार कर रही हैं।
AI, क्लाउड और डिजिटल इंजीनियरिंग में कंपनी का निवेश इसे भविष्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा।
निवेशकों के लिए यह संकेत है कि Tech Mahindra अपने लंबी अवधि के विकास पथ पर स्थिरता से आगे बढ़ रही है

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