Muthoot Finance Q2 FY26 परिणाम: मुनाफे, AUM और गोल्ड लोन ग्रोथ में जबरदस्त उछाल
Muthoot Finance ने Q2 FY26 के नतीजों में एक बार फिर यह साबित किया है कि गोल्ड लोन सेगमेंट में उसकी पकड़ बेहद मजबूत है। इस तिमाही में कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में भारी उछाल दिखाया, बल्कि उसकी AUM, ब्याज आय और एसेट क्वालिटी — सभी प्रमुख वित्तीय पैरामीटर मजबूत दिखाई दिए। कंपनी द्वारा गाइडेंस बढ़ाना इस बात का संकेत है कि आने वाले महीनों में गोल्ड लोन की मांग और तेज रहने की उम्मीद है। यह रिपोर्ट कंपनी के पूरे प्रदर्शन का विश्लेषण करती है।
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| Muthoot Finance: गोल्ड लोन ग्रोथ |
Muthoot Finance Q2 FY26 परिणाम
1. मुनाफे में 87 प्रतिशत की तेज उछाल
कंपनी ने इस तिमाही में 2,345 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले लगभग 87 प्रतिशत अधिक है। ऐसी तेज वृद्धि दो संकेत देती है —
पहला, गोल्ड लोन की मांग में निरंतर सुधार हो रहा है। दूसरा, कंपनी अपने ऑपरेशंस का प्रभावी प्रबंधन कर रही है और लागत को नियंत्रित रख पाने में सक्षम है।
मुनाफे में यह वृद्धि केवल ब्याज आय की वजह से नहीं, बल्कि डिजिटल प्रक्रियाओं, शाखा नेटवर्क और तेज डिस्बर्सल के कारण भी आई है।
2. AUM में रिकॉर्ड 47 प्रतिशत वृद्धि
कंपनी की कुल AUM इस तिमाही में बढ़कर 1.48 ट्रिलियन रुपये हो गई, जो एक ऐतिहासिक स्तर है। Gold Loan AUM इस पूरी वृद्धि का प्रमुख आधार रहा। अकेले गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में इस तिमाही के दौरान लगभग 11,700 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
भारत में नकद जरूरतों, त्योहारों, कृषि गतिविधियों और छोटे व्यापारियों में गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। Muthoot Finance अपनी पहुंच, भरोसे और तेज सेवा के कारण इस मांग को पूरा करने में अग्रणी बनी हुई है।
3. Net Interest Income में 58 प्रतिशत उछाल
NII यानी शुद्ध ब्याज आय इस तिमाही में 3,992 करोड़ रुपये रही, जिसमें 58 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनी न केवल अधिक लोन दे रही है बल्कि उससे मिलने वाली ब्याज आय भी तेजी से बढ़ रही है।
ब्याज मार्जिन स्थिर रहा और फंडिंग लागत को कंपनी ने काफी हद तक नियंत्रित रखा। इससे ऑपरेशनल कुशलता (operational efficiency) में और सुधार हुआ।
4. एसेट क्वालिटी में सुधार
किसी भी एनबीएफसी की मजबूती उसकी एसेट क्वालिटी पर निर्भर करती है। Muthoot Finance के लिए Q2 FY26 इस मामले में भी सकारात्मक रहा। कंपनी की ग्रोस स्टेज-3 एसेट (90 दिन से अधिक देय) घटकर 2.25 प्रतिशत पर आ गई।
यह सुधार लोन रिकवरी, उचित मूल्यांकन और मजबूत कलेक्शन सिस्टम का नतीजा है। बेहतर एसेट क्वालिटी निवेशकों को यह भरोसा दिलाती है कि कंपनी का जोखिम-प्रबंधन मजबूत है।
5. कंपनी ने भविष्य के लिए गाइडेंस बढ़ाया
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने FY26 के लिए अपनी गोल्ड लोन ग्रोथ गाइडेंस 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 30–35 प्रतिशत कर दी है। यह कदम बताता है कि कंपनी को आने वाले महीनों में भी डिमांड के मजबूत रहने की उम्मीद है।
यह बढ़ी हुई गाइडेंस निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है और यह दिखाती है कि कंपनी बाजार में अपनी स्थिति को लेकर बेहद आत्मविश्वासी है।
6. 35,000 करोड़ रुपये की फंडरेजिंग योजना
Muthoot Finance के बोर्ड ने 35,000 करोड़ रुपये तक के NCDs जारी करने की मंजूरी दी है। यह एक बड़ा कदम है और इसके दो प्रमुख उद्देश्य स्पष्ट हैं —
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कंपनी अपनी लोन बुक को और तेज गति से बढ़ाना चाहती है।
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फंडिंग स्ट्रक्चर को मजबूत बनाना चाहती है ताकि ब्याज लागत पर नियंत्रण रहे।
यह फंडरेजिंग भारतीय गोल्ड लोन बाजार के तेजी से विस्तार को देखते हुए एक रणनीतिक निर्णय है।
7. भारत का गोल्ड लोन बाजार: अवसर और मांग
भारत में गोल्ड लोन की मांग कई कारणों से तेजी से बढ़ रही है —
• छोटे व्यापारियों की त्वरित फंड जरूरत
• कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी की आवश्यकता
• सोने की कीमतों में स्थिरता
• बैंकिंग सिस्टम में सख्त क्रेडिट नीतियाँ
इन परिस्थितियों में Muthoot Finance का बिजनेस मॉडल एकदम फिट बैठता है। कंपनी की विश्वसनीयता, सरल प्रक्रिया और व्यापक शाखा नेटवर्क इसे प्रतिस्पर्धा में आगे रखते हैं।
8. जोखिम और चुनौतियाँ
हालांकि कंपनी की स्थिति मजबूत है, लेकिन कुछ जोखिम अभी भी मौजूद हैं।
• सोने की कीमतों में गिरावट लोन पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकती है।
• ब्याज दरों में संभावित वृद्धि फंडिंग लागत पर दबाव डाल सकती है।
• एनबीएफसी सेक्टर में किसी भी नियामकीय बदलाव का सीधा असर कंपनी पर पड़ सकता है।
इन चुनौतियों के बावजूद कंपनी के पास अनुभव, ग्राहक आधार और बाजार नेतृत्व की शक्ति है।
निष्कर्ष
Muthoot Finance का Q2 FY26 नतीजा पूरी तरह से मजबूत और सकारात्मक रहा। कंपनी ने मुनाफे, AUM, NII और एसेट क्वालिटी — सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। भविष्य के लिए बढ़ाई गई गाइडेंस और फंडरेजिंग की तैयारी यह दिखाती है कि कंपनी आने वाले वर्षों में और बड़े पैमाने पर विस्तार की योजना बना रही है।
यदि गोल्ड लोन बाजार की वर्तमान गति बनी रहती है, तो Muthoot Finance आने वाले समय में भी अपने प्रदर्शन को इसी रफ्तार से आगे बढ़ा सकती है।
यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
SOURCE - Unaudited Financial Results for Quarter ended September 30, 2025 (PDF)

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