Lenskart IPO 2025: ₹2,150 करोड़ का बड़ा ऑफर, क्या निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित होगा

by sumer

भारत का तेजी से बढ़ता आईवियर ब्रांड Lenskart Solutions Ltd. अब स्टॉक मार्केट में कदम रखने जा रहा है। कंपनी ने अपने लंबे समय से प्रतीक्षित Initial Public Offering (IPO) की घोषणा कर दी है। लेंसकार्ट का यह इश्यू निवेशकों के बीच खासा चर्चा में है क्योंकि यह न केवल भारत के रिटेल सेक्टर बल्कि उपभोक्ता टेक इकोनॉमी का भी एक बड़ा इवेंट साबित हो सकता है।

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आइए जानते हैं इस IPO से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी, प्राइस बैंड, जीएमपी (GMP), कंपनी की वित्तीय स्थिति और निवेश दृष्टिकोण से इसका विश्लेषण।





1. IPO की मुख्य जानकारी

  • कंपनी का नाम: Lenskart Solutions Ltd.

  • इश्यू का आकार: ₹2,150 करोड़ (सिर्फ ऑफर फॉर सेल)

  • प्राइस बैंड: ₹382 – ₹402 प्रति शेयर

  • लॉट साइज: 37 शेयर

  • निवेश की न्यूनतम राशि: ₹14,874

  • IPO ओपन डेट: 31 अक्टूबर 2025

  • क्लोज डेट: 4 नवंबर 2025

  • लिस्टिंग: BSE और NSE दोनों पर

  • लिस्टिंग डेट: 10 नवंबर 2025 (अनुमानित)

लेंसकार्ट का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) के तहत होगा, यानी कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी बल्कि इसके मौजूदा निवेशक और प्रमोटर अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे।




2. कंपनी का परिचय

लेंसकार्ट की शुरुआत वर्ष 2010 में पियूष बंसल ने की थी। इस कंपनी ने भारतीय आईवियर मार्केट को एक नया रूप दिया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनलों के माध्यम से ग्राहकों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाले चश्मे, सनग्लासेस और कॉन्टैक्ट लेंस प्रदान करना इसका मुख्य व्यवसाय है।

आज लेंसकार्ट के भारत में 1,800 से अधिक रिटेल स्टोर हैं और यह कंपनी सिंगापुर, दुबई, सऊदी अरब जैसे देशों में भी तेजी से विस्तार कर रही है। लेंसकार्ट अपने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और सप्लाई चेन नेटवर्क के दम पर प्रति माह लाखों ग्राहकों को सर्विस दे रही है।

कंपनी की एक बड़ी खासियत इसका टेक्नोलॉजी-फोकस्ड बिजनेस मॉडल है — “Try at Home” सेवा, वर्चुअल 3D ट्रायल, और AI-based फ्रेम रेकमेंडेशन जैसी सुविधाएँ इसे अन्य रिटेल प्लेयरों से अलग बनाती हैं।




3. वित्तीय प्रदर्शन (Financial Performance)

लेंसकार्ट ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। FY25 के अंत तक कंपनी ने लगभग ₹1,850 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 % अधिक है।

सबसे अहम बात यह है कि कंपनी ने पहली बार नेट प्रॉफिट भी दर्ज किया — लगभग ₹92 करोड़। इससे पहले लगातार दो वर्षों तक कंपनी घाटे में थी।

वित्तीय वर्ष          कुल राजस्व (₹ करोड़)          शुद्ध लाभ (₹ करोड़)
FY231,190-63
FY241,420-23
FY251,85092

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कंपनी अब लाभप्रदता की दिशा में स्थिर हो चुकी है। मजबूत राजस्व, बढ़ती ब्रांड पहुंच, और उच्च ग्रॉस मार्जिन इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।






4. Grey Market Premium (GMP) अपडेट

लेंसकार्ट IPO के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में इन दिनों अच्छी हलचल देखी जा रही है।

  • शुरुआती रिपोर्टों में GMP लगभग ₹111 प्रति शेयर बताया गया था।

  • फिलहाल, विभिन्न स्रोतों के अनुसार यह ₹70 – ₹110 प्रति शेयर के बीच ट्रेड कर रहा है।

  • यानी, अगर ऊपरी प्राइस बैंड ₹402 माना जाए, तो लिस्टिंग डे पर शेयर की संभावित कीमत ₹470 – ₹510 तक हो सकती है।

GMP हमेशा अनौपचारिक संकेत होता है, लेकिन यह निवेशकों की सेंटिमेंट दिखाता है कि लिस्टिंग के पहले ही मांग काफी मजबूत है।



Lenskart IPO GMP Report (30 अक्टूबर 2025) update


आज बाजार में Lenskart IPO के लिए ग्रे मार्केट में जबरदस्त रुचि देखी जा रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस इश्यू का GMP (Grey Market Premium) लगभग ₹70प्रति शेयर चल रहा है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत इश्यू प्राइस से लगभग ₹75–₹90 अधिक रह सकती है।




5. IPO से प्राप्त राशि का उपयोग

चूंकि यह OFS (Offer for Sale) है, इसलिए कंपनी को नई कैश इनफ्लो नहीं मिलेगी। परंतु इससे लेंसकार्ट को ब्रांड विजिबिलिटी और पब्लिक मार्केट वैल्यूएशन मिलने की संभावना है। इससे भविष्य में कंपनी अपने एक्सपेंशन या R&D के लिए आसान फंडिंग प्राप्त कर सकेगी।

मौजूदा प्रमुख शेयरधारकों में SoftBank Vision Fund, Temasek, IFC, और Kedaara Capital जैसे वैश्विक इनवेस्टर्स शामिल हैं, जो इस IPO में आंशिक हिस्सेदारी बेचेंगे।




6. कंपनी की मजबूतियाँ (Strengths)

  1. ब्रांड लीडरशिप: भारत के आईवियर सेगमेंट में लेंसकार्ट का लगभग 25 % मार्केट शेयर है।

  2. टेक्नोलॉजी इनोवेशन: AI-आधारित मापन और 3D ट्रायल जैसी सेवाएं ग्राहकों को बेहतर अनुभव देती हैं।

  3. ओम्नी-चैनल मॉडल: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों चैनल से सेल्स बढ़ रही हैं।

  4. ग्लोबल एक्सपेंशन: कंपनी एशिया और मिडिल ईस्ट में तेजी से पांव फैला रही है।

  5. लाभप्रदता की शुरुआत: अब कंपनी ने प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल स्थापित किया है।



7. जोखिम (Weakness और Risk Factors)

  1. प्रतिस्पर्धा: Titan Eyewear, SpecsMakers जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा।

  2. कच्चे माल की कीमतें: फ्रेम और लेंस की आयात लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव आ सकता है।

  3. मुद्रा विनिमय जोखिम: कंपनी का एक हिस्सा विदेशी लेन-देन से जुड़ा है।

  4. मार्केट वोलैटिलिटी: IPO के बाद शेयर की कीमत कम समय में उतार-चढ़ाव देख सकती है।




8. कंपनी का भविष्य (Outlook)

लेंसकार्ट ने भारत में आईवियर को फैशन और स्टाइल से जोड़ दिया है। देश में अब लगभग 35 करोड़ लोग चश्मे का उपयोग करते हैं और यह संख्या हर साल लगभग 10 % की गति से बढ़ रही है। इस तेज़ी से बढ़ते बाजार में लेंसकार्ट की पहचान मजबूत है।

कंपनी का फोकस भविष्य में टियर-2 और टियर-3 शहरों में एक्सपेंशन पर होगा। साथ ही यह अपनी स्मार्ट फ्रेम टेक्नोलॉजी और लेंस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अपग्रेड कर रही है।

इसी कारण एनालिस्ट माना रहे हैं कि लेंसकार्ट आने वाले 3-5 सालों में भारत का पहला लिस्टेड ग्लोबल आईवियर ब्रांड बन सकता है।




9. निवेशकों के लिए विश्लेषण

विशेषज्ञों का मत है कि लेंसकार्ट का IPO लॉन्ग-टर्म इनवेस्टर्स के लिए उपयुक्त हो सकता है।

शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग गेन:
GMP के आधार पर लिस्टिंग के दिन 15 % से 25 % तक का लाभ संभव है।

लॉन्ग-टर्म आउटलुक:
आईवियर इंडस्ट्री का ऑर्गनाइज़्ड सेगमेंट अभी भी भारत में कम है — कुल बाजार का 20 % से भी कम। लेंसकार्ट के पास इस गैप को कैप्चर करने का बेहतरीन मौका है।

फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर कंपनी अपनी वर्तमान ग्रोथ रेट कायम रख पाती है, तो इसका प्रॉफिट FY27 तक तीन गुना तक बढ़ सकता है।





10. रिटेल निवेशकों के लिए रणनीति

  1. लिस्टिंग गेन के लिए 1-2 लॉट तक निवेश किया जा सकता है।

  2. लॉन्ग-टर्म होल्डिंग के लिए कम से कम 6-12 महीने का व्यू रखें।

  3. कंपनी की क्वार्टरली रिजल्ट और एक्सपेंशन अपडेट पर नज़र रखें।

  4. IPO के बाद अगर शेयर ₹450 के आसपास डिप करे तो यह अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है।





11. मुख्य सीख

लेंसकार्ट का IPO भारत के रिटेल सेक्टर में एक नया मील का पत्थर है। कंपनी की मजबूत ब्रांड इमेज, टेक्नोलॉजी फोकस और ग्रोथ पोटेंशियल इसे एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाते हैं।

हालांकि IPO पूरी तरह से OFS है, लेकिन लिस्टिंग डे पर अच्छे लाभ की संभावना काफी ज्यादा दिख रही है।

अगर आप लॉन्ग-टर्म प्लेयर हैं तो यह एक ऐसी कंपनी है जिसने भारत के आईवियर मार्केट को डिजिटल बनाया है — और भविष्य में यह ग्लोबल लीडर भी बन सकती है।




निष्कर्ष

Lenskart IPO 2025 न केवल एक ब्रांड की लिस्टिंग है, बल्कि यह भारत के उपभोक्ता-टेक सेक्टर के परिपक्व होने का संकेत भी है।
मजबूत फाइनेंशियल्स, ग्रोथ रेट और ब्रांड लॉयल्टी के आधार पर यह IPO निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प है। हालांकि, हर IPO की तरह इसमें जोखिम भी हैं, इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम सहनशीलता और वित्तीय लक्ष्यों का विश्लेषण जरूर करें।



नोट

यह लेख केवल शैक्षिक और जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है।

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