IPO में GMP क्या होता है? Grey Market Premium का पूरा सच और इसका असर
भारतीय शेयर बाजार में जब भी कोई नया IPO (Initial Public Offering) आता है, तो निवेशकों के बीच एक शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है — GMP, यानी Grey Market Premium।
आपने अक्सर सुना होगा – “इस IPO का GMP ₹100 चल रहा है” या “GMP आज घटकर ₹45 रह गया है”।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह GMP आखिर होता क्या है, इसे कौन तय करता है, और इसका असली मतलब क्या होता है?
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| GMP signals growing investor excitement. |
आज के इस लेख में हम आपको GMP की पूरी कहानी सरल भाषा में समझाने जा रहे हैं।
1. GMP क्या होता है?
GMP (Grey Market Premium) किसी IPO शेयर की वह अनौपचारिक (unofficial) कीमत होती है जो निवेशक IPO लिस्टिंग से पहले ही ग्रे मार्केट में तय करते हैं।
सरल शब्दों में —
जब कोई कंपनी अपना IPO लॉन्च करती है, तो निवेशक उस कंपनी के शेयरों के लिए बोली लगाते हैं।
लेकिन लिस्टिंग से पहले ही कुछ निवेशक और ब्रोकर अनौपचारिक बाजार में इन शेयरों की खरीद-बिक्री शुरू कर देते हैं।
वहीं पर तय होता है कि किसी शेयर की "असली मांग" कितनी है, और वहीं से निकलता है “GMP” यानी Grey Market Premium।
2. एक आसान उदाहरण
मान लीजिए किसी कंपनी का IPO प्राइस ₹100 प्रति शेयर है। अगर ग्रे मार्केट में वही शेयर ₹130 में बिक रहा है,
तो इसका मतलब है —
GMP = ₹30
इसका सीधा अर्थ हुआ कि निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर ₹130 पर खुलेगा, यानी उन्हें ₹30 प्रति शेयर का लाभ मिल सकता है।
3. GMP का मतलब कैसे समझें?
| स्थिति | GMP (₹) | निवेशक भावना | संकेत |
|---|---|---|---|
| Positive GMP | +₹20, आदि | निवेशक उत्साहित हैं | शेयर लिस्टिंग पर लाभ की उम्मीद |
| Zero GMP | ₹0 | तटस्थ स्थिति | मांग और आपूर्ति संतुलित |
| Negative GMP | -₹10, -₹20 आदि | निवेशक रुचि नहीं दिखा रहे | लिस्टिंग पर नुकसान की संभावना |
4. GMP तय कौन करता है?
GMP किसी सरकारी संस्था या SEBI द्वारा तय नहीं किया जाता। यह पूरी तरह डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है।
असल में, कुछ Grey Market Dealers और ब्रोकर नेटवर्क IPO शेयरों की अनौपचारिक ट्रेडिंग शुरू कर देते हैं। वे निवेशकों की रुचि देखकर यह अनुमान लगाते हैं कि शेयर किस कीमत पर बिक सकता है।
इसी कीमत को Grey Market Premium कहा जाता है।
इसके मुख्य कारक ये हैं:
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IPO की लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू
-
सब्सक्रिप्शन रेट (खासकर HNI और QIB कोटा)
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कंपनी की वित्तीय स्थिति और प्रॉफिट ग्रोथ
-
मार्केट मूड और इंडेक्स की दिशा
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बड़ी फंड हाउस या रिटेल निवेशकों की रुचि
5. GMP कैसे बदलता है? (IPO स्टेज के अनुसार)
GMP हमेशा स्थिर नहीं रहता। यह IPO के हर चरण में ऊपर–नीचे होता रहता है। आइए समझते हैं कि यह कैसे बदलता है।
| IPO का चरण | GMP में बदलाव | कारण |
|---|---|---|
| IPO की घोषणा | लगभग शून्य | निवेशक डेटा जुटा रहे होते हैं |
| Price Band घोषित होना | हल्की शुरुआत | अब डिमांड बनना शुरू होती है |
| Subscription शुरू होना | तेजी से बढ़ता | आवेदन संख्या से मांग बढ़ती है |
| QIB/HNI बिडिंग | और ऊपर जाता | बड़े निवेशकों की एंट्री |
| Subscription बंद | स्थिर या थोड़ा घटता | निवेशक प्रतीक्षा मोड में |
| Allotment के बाद | ऊपर या नीचे | allotment news और demand पर निर्भर |
| Listing Day | असली मूल्य तय होता है | अब हकीकत सामने आती है |
6. GMP का उपयोग कैसे करें?
GMP कोई गैरकानूनी चीज़ नहीं है, लेकिन यह आधिकारिक नहीं है। इसलिए इसका उपयोग सिर्फ “Market Sentiment Indicator” के रूप में करें।
अगर किसी IPO का GMP बहुत ऊंचा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि लिस्टिंग पर निश्चित लाभ होगा। बल्कि इसका अर्थ सिर्फ इतना है कि लोग उस शेयर के लिए उत्साहित हैं।
कई बार GMP बहुत ऊंचा होता है लेकिन लिस्टिंग के दिन शेयर फ्लैट या नीचे खुल जाता है।
7. GMP और Kostak Rate का संबंध
GMP के साथ अक्सर एक और शब्द सुनने को मिलता है — Kostak Rate। यह वह प्रीमियम होता है जो निवेशक अपने IPO Application के बदले ग्रे मार्केट में बेचते हैं।
उदाहरण के लिए:
अगर किसी IPO का Kostak Rate ₹1000 है, तो इसका मतलब है कि कोई व्यक्ति आपकी पूरी IPO Application ₹1000 देकर खरीदने को तैयार है — चाहे allotment मिले या न मिले।
इससे पता चलता है कि ग्रे मार्केट में उस IPO की कितनी मांग है।
8. क्यों जरूरी है GMP को समझना?
-
Investor Sentiment जानने के लिए:
GMP बताता है कि मार्केट उस IPO को लेकर कितना उत्साहित है। -
Listing Gain का अंदाजा लगाने के लिए:
ऊंचा GMP अक्सर अच्छे लिस्टिंग प्रॉफिट की उम्मीद दिखाता है। -
रिस्क को समझने के लिए:
GMP घटने पर निवेशक सावधान हो सकते हैं — ये मार्केट की ठंडी भावना का संकेत है। -
Fundamentals बनाम Sentiment:
कभी-कभी कंपनी मजबूत होती है लेकिन GMP कम रहता है — इसका मतलब है short-term investors की रुचि कम है।
9. GMP से जुड़ी गलतफहमियाँ
-
“GMP तय करता है कि listing profit मिलेगा या नहीं”
गलत। GMP सिर्फ अनुमान होता है। मार्केट की स्थिति बदलने पर ये गलत साबित हो सकता है। -
“GMP हमेशा बढ़ता है”
नहीं। अगर सब्सक्रिप्शन कमजोर हुआ या सेंटीमेंट गिरा, तो GMP तुरंत नीचे आ जाता है। -
“GMP सरकारी रेट है” बिल्कुल नहीं। यह पूरी तरह अनौपचारिक मार्केट का आंकड़ा होता है।
10. GMP की विश्वसनीयता कितनी होती है?
इसलिए GMP को किसी एकमात्र निर्णय आधार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
सही तरीका है —
-
कंपनी की फंडामेंटल रिपोर्ट देखें।
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उसके रेवेन्यू, प्रॉफिट, सेक्टर ग्रोथ और मैनेजमेंट क्वालिटी को परखें।
-
फिर GMP को सिर्फ sentiment indicator की तरह देखें।
11. हाल के उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी कंपनी का IPO प्राइस ₹150 तय हुआ है:
-
पहले दिन GMP ₹30 → अनुमान ₹180 की लिस्टिंग
-
दूसरे दिन GMP ₹55 → मांग बढ़ी
-
तीसरे दिन GMP ₹80 → ओवरसब्सक्रिप्शन बढ़ा
-
लिस्टिंग पर शेयर ₹210 पर खुला → यानी GMP का अनुमान करीब-करीब सही निकला
लेकिन कुछ केसों में:
-
GMP ₹60 चल रहा था, फिर मार्केट गिरा और शेयर ₹140 पर लिस्ट हुआ।
यानी GMP 100% accurate नहीं होता, बल्कि sentiment का snapshot होता है।
12. निष्कर्ष: GMP से क्या सीखें?
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GMP निवेशक भावना का थर्मामीटर है।
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यह बताता है कि लोग IPO में कितनी रुचि दिखा रहे हैं।
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परंतु निवेश का निर्णय केवल GMP देखकर कभी नहीं लेना चाहिए।
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अगर कंपनी के फंडामेंटल, बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल्स मजबूत हैं,
तभी निवेश करें — न कि सिर्फ प्रीमियम देखकर।
13. अंतिम सलाह
अगर आप नए निवेशक हैं, तो GMP को सिर्फ सूचक (indicator) के रूप में देखें। लिस्टिंग से पहले यह बता सकता है कि मार्केट उस IPO को लेकर कितना गर्म है। लेकिन यह तय नहीं करता कि आपको कितना लाभ या नुकसान होगा।
GMP की असली खूबसूरती यह है कि यह “भीड़ की मानसिकता” को झलकाता है — और समझदार निवेशक वही होते हैं जो भीड़ के साथ नहीं, बल्कि जानकारी के साथ चलते हैं।
14. संक्षेप में
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| GMP क्या है | IPO शेयर का अनौपचारिक प्रीमियम |
| कौन तय करता है | Grey Market Traders और Demand–Supply |
| कब बदलता है | हर स्टेज पर (Announcement से Listing तक) |
| कैसे देखें | केवल Market Sentiment Indicator के रूप में |
| भरोसा | उपयोगी लेकिन Unofficial |
लेखक की सलाह:
अगर आप आने वाले IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो GMP को समझना जरूर सीखें —
क्योंकि यह बताता है कि मार्केट अभी क्या सोच रहा है, लेकिन असली फायदा उसी को होता है जो सोच से नहीं, समझ से निवेश करता है।

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