NCD क्या है? Non-Convertible Debentures में निवेश के फायदे, जोखिम और पूरी जानकारी

by sumer

"NCD investment concept on a wooden desk featuring coins, notebook, financial charts, and a laptop with a rising graph — representing Non-Convertible Debenture analysis by ResearchCover."
Secure wealth building through NCD investments.



 भारत में निवेश के विकल्प बहुत हैं — बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर, म्यूचुअल फंड, गोल्ड और रियल एस्टेट।

लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा साधन है जो फिक्स्ड रिटर्न देता है और शेयर मार्केट से कम जोखिम रखता है —
वह है Non-Convertible Debenture (NCD)





1. NCD क्या होता है?

Non-Convertible Debenture (NCD) एक ऐसा वित्तीय साधन है जिसके ज़रिए कोई कंपनी जनता से पैसा जुटाती है।

कंपनी कहती है —

“अगर आप हमें पैसा देंगे, तो हम तय अवधि तक हर साल एक निश्चित ब्याज देंगे और अवधि पूरी होने पर आपका मूलधन लौटा देंगे।”

इसमें “Non-Convertible” का मतलब है —
👉 इसे शेयरों में बदला नहीं जा सकता।
यानी यह पूरी तरह Fixed Income Product होता है।

उदाहरण के तौर पर:
अगर कोई कंपनी 3 साल के लिए 10% ब्याज दर पर NCD जारी करती है, तो आपको हर साल 10% ब्याज मिलेगा और 3 साल बाद आपका पैसा वापस मिलेगा।






2. NCD जारी करने का उद्देश्य

कंपनियाँ NCD जारी करके अपनी व्यावसायिक ज़रूरतों, कर्ज़ चुकाने, या व्यापार विस्तार के लिए पूंजी जुटाती हैं।
यह बैंक लोन से सस्ता विकल्प होता है, इसलिए बड़ी कंपनियाँ अक्सर इस रास्ते से फंड जुटाती हैं।

इसमें निवेशक को ब्याज के रूप में आय (Interest Income) मिलती है, जबकि कंपनी को नकद पूंजी (Capital) प्राप्त होती है।




3. NCD के प्रकार

NCD मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं 

प्रकार              विवरण
1. Secured NCD                                                                             इस प्रकार में कंपनी अपनी संपत्ति या किसी सुरक्षा को गिरवी रखती है। यदि कंपनी डिफॉल्ट करे, तो निवेशक को उस संपत्ति से पैसा वापस मिलता है। इसलिए यह सुरक्षित माना जाता है।

2.    Unsecure    NCDइसमें कोई सुरक्षा नहीं होती। निवेशक को केवल कंपनी की साख (creditworthiness) पर भरोसा करना होता है। यह अधिक जोखिमभरा होता है, लेकिन ब्याज दर ज़्यादा मिलती है।



4. NCD में ब्याज दर कैसे तय होती है?

कंपनी की क्रेडिट रेटिंग और जोखिम स्तर के आधार पर ब्याज दर तय होती है।

  • उच्च रेटिंग (AAA / AA+) = कम ब्याज लेकिन कम जोखिम।

  • निम्न रेटिंग (BBB या उससे नीचे) = ज़्यादा ब्याज लेकिन ज़्यादा जोखिम।

उदाहरण:

  • AAA-rated कंपनी 9% ब्याज दे सकती है।

  • BBB-rated कंपनी 11–12% ब्याज तक दे सकती है।




5. NCD में क्रेडिट रेटिंग की भूमिका

हर NCD को CRISIL, ICRA, CARE जैसी एजेंसियाँ रेटिंग देती हैं, जो बताती हैं कि कंपनी अपनी देनदारियाँ कितनी समय पर पूरी करेगी।

रेटिंग                          मतलब
AAA / AA+बहुत मजबूत – बहुत कम जोखिम
A / A-अच्छा – मध्यम जोखिम
BBB / BBB-निवेश योग्य लेकिन थोड़ा जोखिमभरा
BB और नीचेउच्च जोखिम या speculative श्रेणी



ResearchCover सलाह - निवेश करते समय हमेशा A या उससे ऊपर रेटिंग वाली NCDs को प्राथमिकता दें।




6. NCD और Fixed Deposit (FD) में अंतर

तुलना बिंदु                      NCD                                                      बैंक FD                                                  
जारी करने वालाप्राइवेट / पब्लिक कंपनी                  बैंक
ब्याज दर8%–12% तक6%–7% तक
जोखिम स्तरकंपनी पर निर्भर बहुत कम
LiquidityStock Exchange पर ट्रेड हो सकती हैPremature withdrawal पर penalty
सुरक्षाSecured या UnsecuredDICGC से ₹5 लाख तक सुरक्षित
Taxation ब्याज टैक्स योग्यब्याज टैक्स योग्य





7.  NCD में निवेश कैसे करें?

  1. Demat Account के ज़रिए:
    अधिकांश NCD अब इलेक्ट्रॉनिक रूप में (Demat) जारी होते हैं।
    आप Zerodha, Upstox, Angel One जैसे प्लेटफॉर्म से सीधे आवेदन कर सकते हैं।

  2. Public Issue:
    जब कोई कंपनी नया NCD Issue लाती है, तो निवेशक IPO की तरह आवेदन कर सकते हैं।

  3. Secondary Market:
    जो NCD पहले से लिस्टेड हैं, उन्हें NSE या BSE से खरीद-बेच सकते हैं।




8. NCD में निवेश के फायदे

  1.  उच्च ब्याज दरें:
    बैंक FD से अधिक ब्याज (8% से 12%) तक रिटर्न मिलता है।

  2.  नियमित आय:
    ब्याज मासिक, तिमाही या सालाना आधार पर मिलता है।

  3.  पोर्टफोलियो Diversification:
    NCD आपके निवेश पोर्टफोलियो में स्थिर आय जोड़ता है।

  4. Liquidity Option:
    लिस्टेड NCDs को स्टॉक एक्सचेंज पर बेचकर जरूरत पड़ने पर नकदी प्राप्त की जा सकती है।




9. NCD में निवेश के जोखिम

  1. Default Risk:
    अगर कंपनी डूब जाए या भुगतान न करे, तो निवेशक को नुकसान हो सकता है।

  2. Interest Rate Risk:
    बाजार में ब्याज दर बढ़ने पर आपके पुराने NCD की कीमत घट सकती है।

  3. Liquidity Risk:
    सभी NCD secondary market में आसानी से नहीं बिकते।

  4. Taxation:
    ब्याज पर टैक्स लगता है (आपकी इनकम स्लैब के अनुसार)।




10. NCD में निवेश कौन करे?

NCD उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो:

  • स्थिर और नियमित आय चाहते हैं,

  • बैंक FD से ज़्यादा ब्याज चाहते हैं,

  • मध्यम जोखिम सह सकते हैं,

  • कंपनी की साख और रेटिंग समझते हैं।




11. 2025 के कुछ प्रमुख NCD उदाहरण 

कंपनी                                                                 ब्याज दर                    क्रेडिट रेटिंग
SMC Global Securities Ltd10% – 10.50%CRISIL A / Stable
Chemmanur Credits & Investments Ltd11% – 12.62%CRISIL BBB- / Stable
Muthoot Finance Ltd9.25% – 10.25%ICRA AA+ / Stable
IIFL Finance Ltd9.50% – 10.75%CRISIL AA / Stable



12. ResearchCover की राय

“NCD निवेश उन लोगों के लिए सही है जो अपने पोर्टफोलियो में स्थिर आय और मध्यम जोखिम का संतुलन चाहते हैं।
Secured NCDs, जिनकी रेटिंग A या उससे ऊपर हो, उन्हें प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।”

सुझाव:
हमेशा यह ध्यान रखें कि उच्च ब्याज का मतलब उच्च जोखिम भी हो सकता है। इसलिए केवल उसी कंपनी में निवेश करें जिसकी रेटिंग और वित्तीय स्थिति पारदर्शी हो।




ResearchCover Verdict

“NCD एक अच्छा fixed-income विकल्प है, लेकिन चयन करते समय सावधानी आवश्यक है।
सही रेटिंग, सही अवधि, और सही कंपनी चुनकर यह निवेशक के लिए भरोसेमंद आय स्रोत बन सकता है।”



Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी ResearchCover टीम के स्वतंत्र विश्लेषण पर आधारित है।
यह किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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