HDFC Bank Q2 FY26 Results: मजबूत प्रॉफिट ग्रोथ और स्थिर बैलेंस शीट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया
by sumer
भारत के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक ने इस तिमाही में बेहतर प्रॉफिट ग्रोथ, स्थिर NPA और मजबूत डिपॉजिट बेस के साथ एक संतुलित वित्तीय प्रदर्शन किया है।
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| Front view of HDFC Bank’s corporate office. |
बैंकिंग सेक्टर धीरे-धीरे महामारी और ब्याज दरों की अस्थिरता से उबर चुका है। ऐसे माहौल में HDFC Bank ने एक बार फिर साबित किया है कि वह भारतीय वित्तीय प्रणाली का सबसे भरोसेमंद स्तंभ है। 18 अक्टूबर 2025 को जारी किए गए Q2 FY26 नतीजों ने यह दिखाया कि बैंक की ग्रोथ यात्रा अब भी मजबूती से आगे बढ़ रही है।
स्रोत:
HDFC Bank Q2 FY26 Earnings Presentation (Official PDF)
(सभी आँकड़े HDFC Bank की आधिकारिक रिपोर्ट से लिए गए हैं।)
1. नेट प्रॉफिट में 10.8% की बढ़ोतरी
बैंक ने इस तिमाही में ₹18,640 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹16,820 करोड़ से लगभग 10.8% अधिक है। यह वृद्धि बैंक की स्थिर लोन ग्रोथ, मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और बेहतर एसेट क्वालिटी के कारण संभव हुई है।
विशेष बात यह रही कि HDFC Bank लगातार पाँचवीं तिमाही में 10% से अधिक की प्रॉफिट ग्रोथ बनाए रखने में सफल रहा है। इसने निवेशकों और मार्केट एनालिस्ट्स दोनों का भरोसा फिर से मजबूत किया है।
2. नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) और NIM में स्थिरता
बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) इस तिमाही में ₹31,550 करोड़ रहा, जो साल दर साल (YoY) 4.8% की वृद्धि दर्शाता है। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.27% रहा, जोकि पिछले क्वार्टर की तुलना में स्थिर है।
बैंक के लिए NIM को स्थिर रखना एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इस समय ब्याज दरों में वैश्विक अस्थिरता देखी जा रही है। HDFC Bank ने अपने एडवांस पोर्टफोलियो को सावधानीपूर्वक संतुलित रखकर ब्याज आय को बनाए रखा है।
3. एसेट क्वालिटी: ग्रॉस NPA 1.24%, नेट NPA 0.33%
एसेट क्वालिटी बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता का सबसे बड़ा संकेतक होती है, और HDFC Bank ने इस मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) 1.24% और नेट NPA 0.33% रहा, जो उद्योग के औसत से काफी बेहतर है।
बैंक ने बताया कि रिटेल और SME सेगमेंट में रिकवरी अच्छी रही है, जबकि कॉर्पोरेट पोर्टफोलियो पूरी तरह मजबूत बना हुआ है।
4. डिपॉजिट और CASA अनुपात
बैंक की कुल डिपॉजिट्स में 15.1% की सालाना वृद्धि हुई है, जोकि ₹22.3 लाख करोड़ तक पहुंच गई। CASA (Current Account Savings Account) अनुपात 34% रहा। हालांकि यह अनुपात पिछले साल से थोड़ा कम है, लेकिन बैंक का फोकस टर्म डिपॉजिट्स बढ़ाने पर रहा है ताकि दीर्घकालिक फंडिंग को सुरक्षित रखा जा सके।
बैंक के डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म्स और शाखाओं के नेटवर्क ने इसमें बड़ा योगदान दिया है।
5. लोन बुक में 9.9% की ग्रोथ
HDFC Bank की लोन बुक 9.9% YoY की दर से बढ़कर ₹18.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। रिटेल लोन ग्रोथ में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, विशेषकर ऑटो, होम लोन और पर्सनल लोन कैटेगरी में। कॉर्पोरेट लोन की मांग भी बढ़ी है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार का सकारात्मक संकेत है।
6. ROA और ROE में सुधार
बैंक का Return on Assets (ROA) 1.93% और Return on Equity (ROE) 14.4% रहा। यह दर्शाता है कि बैंक न केवल मुनाफा कमा रहा है बल्कि अपनी पूंजी का उपयोग भी कुशलता से कर रहा है।
HDFC Bank का यह आंकड़ा भारतीय बैंकिंग उद्योग में सबसे मजबूत ROE में से एक है।
7. कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो मजबूत स्तर पर
बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 20% रहा, जिसमें CET 1 रेशियो 17.5% है।
यह बताता है कि बैंक के पास अपने एसेट्स और संभावित जोखिमों को कवर करने के लिए पर्याप्त पूंजी है।
RBI के नियमानुसार बैंकों के लिए न्यूनतम CAR 11.5% होना चाहिए, जबकि HDFC Bank इसका लगभग दोगुना बनाए हुए है।
8. मैनेजमेंट कमेंटरी: स्थिरता और डिजिटल फोकस
HDFC Bank के प्रबंधन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैंक की प्राथमिकता आने वाले समय में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रामीण विस्तार और ग्राहक-केंद्रित उत्पादों पर रहेगी।
सीईओ और एमडी श्री शशिधर जगदीशन ने कहा:
“हम आने वाले वर्षों में डिजिटल बैंकिंग को भारत के हर कोने तक पहुंचाना चाहते हैं। हमारी कोशिश है कि ग्राहक अनुभव को और सरल, सुरक्षित और व्यक्तिगत बनाया जाए।”
9. डिजिटल बैंकिंग सेगमेंट में वृद्धि
बैंक के डिजिटल ट्रांजैक्शन अब कुल लेन-देन का लगभग 96% हिस्सा बनाते हैं।
UPI, नेटबैंकिंग, मोबाइल ऐप और डिजिटल पेमेंट्स में बैंक की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।
HDFC Bank का “SmartHub Vyapar” प्लेटफॉर्म अब छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान समाधान का प्रमुख माध्यम बन चुका है।
10. भविष्य की रणनीति
HDFC Bank ने अगले दो वर्षों में शाखा विस्तार, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और लोन प्रोडक्ट्स में बड़ा निवेश करने की योजना बनाई है।
बैंक अपने रूरल मार्केट फोकस को और मजबूत करेगा ताकि भारत के छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में फाइनेंशियल इनक्लूजन बढ़ाया जा सके।
बैंक की रणनीति तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है:
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डिजिटल इनोवेशन
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ग्राहक अनुभव में सुधार
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सस्टेनेबल ग्रोथ
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11. निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
HDFC Bank के नतीजे यह दर्शाते हैं कि बैंक स्थिरता और ग्रोथ दोनों को संतुलित ढंग से आगे बढ़ा रहा है। नेट प्रॉफिट और लोन ग्रोथ में सुधार निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि CASA अनुपात में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन बैंक का लिक्विडिटी पोजीशन मजबूत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि HDFC Bank के शेयरों में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए स्थिर रिटर्न की संभावना बनी हुई है, खासकर जब ब्याज दरें स्थिर होती हैं और क्रेडिट ग्रोथ में तेजी आती है।
12. मार्केट पर असर
HDFC Bank के नतीजों के बाद बैंकिंग सेक्टर में हल्की सकारात्मक चाल देखी गई।
विश्लेषकों का कहना है कि इस तिमाही के आंकड़े बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए एक “मजबूत संकेत” हैं, खासकर निजी बैंकों के प्रदर्शन को देखते हुए।
मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि आने वाले क्वार्टरों में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम और फीस इनकम दोनों में और सुधार देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
HDFC Bank का Q2 FY26 प्रदर्शन यह साबित करता है कि बैंक भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अपनी लीडरशिप बनाए रखने में सक्षम है। मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर एसेट क्वालिटी और डिजिटल ग्रोथ के साथ बैंक ने एक स्थिर और सुदृढ़ वित्तीय तस्वीर पेश की है।
अगर आप बैंकिंग सेक्टर में निवेश या विश्लेषण करते हैं, तो HDFC Bank का यह रिजल्ट आपको भारत के वित्तीय ढांचे की स्थिरता का सही अंदाजा देगा।
यह लेख केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई कोई भी जानकारी निवेश सलाह नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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