Weather Parametric Insurance: किसानों के लिए मौसम आधारित नई सुरक्षा कवच
by Dipansu
भारत में कृषि हमेशा से मौसम पर निर्भर रही है। बारिश समय पर न हो, तापमान अचानक बदल जाए, या मौसम में अनिश्चितता बढ़ जाए—तो किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण आज भारत में मौसम जोखिम पहले से कई गुना बढ़ चुके हैं। ऐसे में किसानों को सुरक्षित करने के लिए पारंपरिक फसल बीमा योजनाएँ बहुत बार समय पर मुआवज़ा नहीं दे पातीं।
इन्हीं समस्याओं का समाधान है—Weather Parametric Insurance, यानि “मौसम आधारित पैरामीट्रिक फसल बीमा”। यह नई तकनीक-आधारित बीमा किसानों को बिना किसी सर्वे, बिना किसी जटिल प्रक्रिया और बिना देरी के, सीधे मौसम के डेटा के आधार पर भुगतान देता है।
यह आर्टिकल आपको इस नई बीमा तकनीक की पूरी जानकारी देगा—यह कैसे काम करती है, किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है, भारत में कौन-कौन सी कंपनियाँ इसे लागू कर रही हैं, और भविष्य में इसका क्या महत्व है।
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| A tree showing the contrast between rainfall and drought |
Weather Parametric Insurance
1. Weather Parametric Insurance क्या है?
Weather Parametric Insurance एक ऐसा फसल बीमा मॉडल है जिसमें:
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बीमा भुगतान मौसम के डेटा के आधार पर किया जाता है
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खेत में जाकर सर्वे करने की जरूरत नहीं
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डेटा नुकसान को साबित करता है
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मौसम का कोई पैरामीटर तय सीमा से ऊपर/नीचे जाता है तो बीमा स्वतः सक्रिय हो जाता है
उदाहरण के तौर पर:
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यदि 20 दिनों तक बारिश 10 mm से कम रहती है → बीमा भुगतान
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यदि तापमान लगातार 3 दिन 42°C से ऊपर चला जाता है → बीमा भुगतान
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यदि वर्षा 50 mm से ज्यादा हो जाती है → बीमा भुगतान
किसी भी स्थिति में बीमा कंपनी को खेत में नुकसान का मुआयना नहीं करना पड़ता। डेटा ही सब कुछ तय करता है। यही कारण है कि इसे “Fast, Transparent और Zero-Conflict Insurance” कहा जाता है।
2. पारंपरिक फसल बीमा (PMFBY) से यह कैसे अलग है?
| बिंदु | PMFBY (पारंपरिक) | Parametric Insurance |
|---|---|---|
| सर्वे | जरूरी | जरूरी नहीं |
| भुगतान समय | देरी संभव | तेज और ऑटो |
| आधार | नुकसान का सर्वे | मौसम का डेटा |
| जटिलता | अधिक | बेहद कम |
| विवाद | हो सकते हैं | लगभग शून्य |
| डेटा | सीमित | वास्तविक समय उपग्रह + मौसम स्टेशन |
Parametric Insurance का मुख्य लाभ यही है कि यह डेटा-आधारित और पारदर्शी है, जिससे भुगतान समय पर मिलता है।
3. किसानों को लाभ
पैरामीट्रिक बीमा किसानों को निम्नलिखित मौसम जोखिमों में सुरक्षा देता है:
1. कम बारिश (Dry Spell / Drought Trigger)
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लगातार कई दिनों तक बारिश न होना
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मानसून में देरी
2. अत्यधिक बारिश (Excess Rainfall Trigger)
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लगातार भारी वर्षा
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बाढ़ जैसी स्थिति
3. तापमान में अचानक बढ़ोतरी (Heatwave Trigger)
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40–45°C से ऊपर तापमान
4. ठंड की लहर / Frost Trigger
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अत्यधिक ठंड से पौधों को नुकसान
5. तेज हवा / Storm Trigger
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50–80 km/h से अधिक हवा की गति
6. ओलावृष्टि Trigger
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अचानक ओले गिरने से नुकसान
इन स्थितियों में डेटा का ट्रिगर सक्रिय होते ही बीमा भुगतान जारी हो जाता है।
4. पैरामीट्रिक बीमा कैसे काम करता है? (Step-by-Step Process)
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फसल और क्षेत्र के हिसाब से मौसम पैरामीटर तय होते हैं
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मौसम सीमा (Threshold) तय की जाती है
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वास्तविक मौसम डेटा IMD, AWS या उपग्रह से लिया जाता है
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जैसे ही डेटा सीमा को पार करता है → बीमा सक्रिय
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किसान को सीधे भुगतान मिलता है
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कोई सर्वे नहीं, कोई रिपोर्ट नहीं, कोई देरी नहीं
यह पूरी प्रक्रिया 100% डेटा-ड्रिवन होती है।
5. भारत में Weather Parametric Insurance लागू करने वाली प्रमुख कंपनियाँ
भारत में कई निजी कंपनियाँ और स्टार्टअप इस बीमा मॉडल को लागू कर रहे हैं:
1. ICICI Lombard
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कई राज्यों में Weather Based Insurance मॉडल
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बारिश और तापमान ट्रिगर आधारित योजनाएँ
2. HDFC Ergo
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किसान ऐप के माध्यम से मौसम आधारित बीमा
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कई बड़े कॉर्पोरेट फार्म्स में उपयोग
3. Swiss Re (Global Reinsurance Company)
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भारत में कई राज्यों के साथ पायलट प्रोजेक्ट
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पैरामीट्रिक मॉडल के विशेषज्ञ
4. GramCover
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छोटे किसानों पर फोकस
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मौसम आधारित ट्रिगर बीमा
5. Skymet + Reliance General Insurance
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AWS नेटवर्क के आधार पर रियल-टाइम मौसम डेटा
6. CropIn Technology
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उपग्रह डेटा आधारित मौसम जोखिम विश्लेषण
इन कंपनियों की भागीदारी से यह मॉडल भारत में तेजी से बढ़ रहा है।
7. भारत के राज्यों में Parametric Insurance का उपयोग
कई राज्यों में इसे पायलट और प्रोजेक्ट स्तर पर लागू किया जा रहा है:
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महाराष्ट्र (कपास, सोयाबीन)
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राजस्थान (बाजरा, गेहूँ)
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हरियाणा (धान)
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कर्नाटक (बागवानी फसलें)
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मध्य प्रदेश (सोयाबीन, दालें)
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ओडिशा (धान)
जलवायु परिवर्तन जोखिम बढ़ने के कारण राज्य सरकारें इस मॉडल में दिलचस्पी दिखा रही हैं।
8. किसानों के लिए Weather Parametric Insurance क्यों आवश्यक है?
किसान लगातार इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं:
1. अनिश्चित बारिश
कभी बहुत अधिक, कभी बहुत कम।
2. फसल नुकसान का सर्वे देरी से होना
अक्सर भुगतान महीनों बाद मिलता है।
3. मौसम की वजह से बार-बार फसल खराब होना
जोखिम बढ़ता जा रहा है।
4. लागत बढ़ रही है
बीज, खाद, मजदूरी सब महंगा।
इन सभी समस्याओं का समाधान पैरामीट्रिक मॉडल काफी हद तक कर सकता है क्योंकि:
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नुकसान साबित करने की जरूरत नहीं
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भुगतान तेजी से मिलता है
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किसान अगली फसल समय पर शुरू कर सकते हैं
9. मौसम आधारित पैरामीट्रिक बीमा के लाभ
1. तेज और पारदर्शी भुगतान
डेटा क्लियर होने पर कंपनी तुरंत भुगतान देती है।
2. किसानों के लिए भरोसेमंद कवरेज
मौसम जोखिम अब पूरी तरह कवर हो सकता है।
3. विवाद नहीं होते
सर्वे की जरूरत ही नहीं → विवाद समाप्त।
4. जलवायु परिवर्तन के लिए सबसे उपयुक्त मॉडल
बार-बार मौसम बदलने पर यही मॉडल सबसे तेज सुरक्षा देता है।
5. पूरी प्रक्रिया डिजिटल
मोबाइल नंबर और बैंक खाते पर सीधे भुगतान।
6. छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी
किसी भी प्रकार का भौतिक सत्यापन आवश्यक नहीं।
10. Weather Parametric Insurance का भविष्य
भारत तेजी से स्मार्ट खेती और टेक्नोलॉजी-आधारित कृषि की ओर बढ़ रहा है। उपग्रह डेटा, AI मॉडल, ऑटोमेटेड वेदर स्टेशन और रियल-टाइम एग्री टेक टूल्स इस बीमा मॉडल को पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली बना रहे हैं।
आने वाले वर्षों में:
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यह PMFBY का विकल्प बन सकता है
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कॉर्पोरेट कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में अनिवार्य हो जाएगा
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किसान स्वचालित बीमा की ओर शिफ्ट होंगे
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जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सबसे प्रभावी सुरक्षा बनेगा
कई विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले 5–10 वर्षों में भारत में Parametric Insurance किसानों के लिए मुख्य बीमा मॉडल बन सकता है।
निष्कर्ष
जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम जोखिम तेजी से बढ़ रहे हैं और पारंपरिक फसल बीमा मॉडल हर बार किसानों को समय पर सुरक्षा नहीं दे पाते। ऐसे समय में Weather Parametric Insurance किसानों के लिए एक आधुनिक, सरल और पारदर्शी समाधान है जो:
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मौसम डेटा पर आधारित है
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तेज भुगतान देता है
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विवाद रहित है
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और जोखिम को कम करने में बेहद प्रभावी है
यह मॉडल किसानों की आय को स्थिर बनाने, फसल जोखिम कम करने, और स्मार्ट खेती को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। यदि भारत के किसान इसे अपनाते हैं, तो यह खेती को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बना देगा।

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